PIA के पायलट ने इग्नोर की थी 3 वॉर्निंग, जिसके बाद क्रैश हुआ था पाकिस्तानी विमान: रिपोर्ट


  • विमान में सवार थे 91 यात्री और 8 क्रू मेंबर
  • हादसे में बच गए थे 2 यात्री, 97 की हुई मौत

पाकिस्तान में हुए भयानक विमान हादसे से जुड़ी एक रिपोर्ट सोमवार को सामने आई जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायल ने लैंडिंग से पहले विमान की ऊंचाई और गति को लेकर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की तीन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था.

गौरतलब है कि पाकिस्तान में शुक्रवार को फ्लाइट पीके-8303 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें 97 लोगों की जान चली गई थी जबकि दो लोग चमत्कारिक रूप से बच गए थे. पाकिस्तान में हुए विमान हादसों में यह हादसा काफी विनाशकारी था.

जियो न्यूज ने एटीसी की एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि लाहौर से कराची जाने वाला एयरबस ए-320 विमान जब कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15 समुद्री मील दूर था, उस वक्त 7000 के बजाय जमीन से 10000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था. उस समय एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने विमान की ऊंचाई को लेकर पायलट को पहली चेतावनी जारी की थी.

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जिसके बाद पायलट ने ऊंचाई कम करने के बजाय यह कहकर जवाब दिया था कि वह संतुष्ट है. रिपोर्ट में में आगे कहा गया है कि जब एयरपोर्ट और विमान के बीच केवल 10 समुद्री मील की दूरी बची थी तब विमान 3000 फीट की बजाय 7000 फीट की ऊंचाई पर था. उस वक्त भी एटीसी ने विमान की ऊंचाई कम करने के लिए पायलट को दूसरी चेतावनी जारी की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट ने फिर से वही जवाब दिया था कि वह संतुष्ट है और स्थिति को संभाल लेगा, इसके साथ ही उसने कहा था कि वह लैंडिंग के लिए तैयार है.

रिपोर्ट में कहा गया कि विमान में दो घंटे और 34 मिनट के लिए उड़ान भरने के लिए पर्याप्त ईंधन था, जबकि इसका कुल उड़ान समय एक घंटे और 33 मिनट ही दर्ज किया गया था. पाकिस्तानी जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दुर्घटना के कारण पायलट की गलती थी या कोई तकनीकी गड़बड़.

पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, पायलट द्वारा लैंडिंग के पहले असफल प्रयास में विमान के इंजन से रनवे पर तीन बार रगड़ पड़ी थी, विशेषज्ञों द्वारा रिकॉर्ड किया गया है कि इंजन के उस घर्षण से कुछ चिंगारी भी उत्पन्न हुई थी.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि लैंडिंग के पहले असफल प्रयास में विमान जमीन से रगड़ खा गया था जिस वजह से इस बात की भी संभावना हो सकती है कि इंजन का ऑयल टैंक और फ्यूल पंप क्षतिग्रस्त हो गया हौ और उसमें रिसाव शुरू हो गया हो, जिस वजह से पायलट को विमान की सुरक्षित स्थित में ले जाने के लिए आवश्यक थ्रस्ट और गति प्राप्त नहीं हो पाई.

इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहली बार लैंडिंग में विफल रहने के बाद पायलट ने ‘अपने दम पर’ एक और चक्कर लेने का निर्णय लिया था. जब पायलट विमान को वापस दूर ले जा रहा था उसी दौरान ही ही एटीसी ने उसे सूचित किया था कि विमान का लैंडिंग गियर खुला नहीं था.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर द्वारा पायलट को निर्देश दिया गया कि वह विमान को 3000 फीट तक लेकर जाए लेकिन वह विमान को सिर्फ 1800 फीट की ऊंचाई पर ही ले जा पाया. जब कॉकपिट को एटीसी द्वारा एक बार फिर याद दिलाया गया कि वे विमान को 3000 फीट की ऊंचाई पर ले जाएं तो फर्स्ट ऑफिसर ने कहा था, “हम कोशिश कर रहे हैं.”

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डॉन अखबार ने बताया कि इसके तुरंत बाद, पायलट ने दोनों इंजनों के फेल होने की सूचना दी और संकेत दिया था कि विमान की क्रैश लैंडिंग होने वाली है.

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