विंडीज के कप्तान की दो टूक- हम बलि का बकरा नहीं, स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं


  • जेसन होल्डर ने बताई मौजूदा इंग्लैंड दौरे की असली वजह
  • बोले- यहां आने का कारण पैसा नहीं, हम सुरक्षा चाहते हैं

वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा कि उनकी टीम कोविड-19 महामारी के बीच पैसे के लालच या दुस्साहस की भावना से टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड दौरे पर नहीं आई है, बल्कि यह उसका परिस्थितियों को सामान्य करने की दिशा में एक वास्तविक प्रयास है.

होल्डर ने ‘बीबीसी स्पोर्ट’ से कहा, ‘कई लोग क्रिकेट की वापसी चाह रहे थे. ऐसा नहीं है कि हम बलि का बकरा बनना चाहते थे. हमारा इन गर्मियों में ब्रिटेन का दौरा करने का शुरू से ही कार्यक्रम था. जब हमने इसकी संभावनाओं को लेकर बात की तो हर कोई सहज था और अब हम यहां हैं.’

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ब्रिटेन में कोरोना वायरस महामारी का व्यापक प्रभाव पड़ा है जहां अभी तक इस बीमारी के कारण 40,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. दूसरी तरफ कैरेबियाई देशों में बहुत कम संख्या में मामले सामने आए हैं.

होल्डर ने कहा कि उनके यहां आने का कारण पैसा नहीं है और वे स्वास्थ्य से समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘यह हमारे लिए पैसों से जुड़ा मसला नहीं है. हम सुरक्षा चाहते हैं और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे लिए उचित व्यवस्था की जाए और हम उस पर अमल करें.’

होल्डर ने कहा, ‘अगर आप खुद को एक स्वास्थ्यकर्मी या इस महामारी के दौरान काम करने के वाले व्यक्ति की जगह रखकर देखो तो पाओगे कि उन्हें इस घर में बैठने या वायरस से दूर रहने का मौका नहीं मिला. हम भाग्यशाली हैं कि हम उस स्थिति में नहीं है, लेकिन किसी समय आपको स्थितियां सामान्य लाने के लिए अपनी तरफ से प्रयास तो करने ही होंगे.’

वेस्टइंडीज की टीम ब्रिटेन में पहुंचने के बाद ओल्ड ट्रैफर्ड में पृथकवास पर है. टीम यहां तीन सप्ताह तक अभ्यास करेगी. होल्डर इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की व्यवस्था से प्रभावित हैं, उन्होंने कहा कि उनके ठहरने के स्थान पर हैं. सैनिटाइजर, एक बार उपयोग होने वाले दस्ताने और थर्मामीटर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं.

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उन्होंने कहा, ‘इस तरह की चीजों से आपको राहत मिलती है और आप अधिक सहज होकर रहते हो. अगर ऐसी चीजें नहीं होती तो आपको चिंता रहती कि क्या वे वास्तव में सुरक्षित हैं.’ होल्डिंग ने नस्लवाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के उनकी टीम पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी बात की.

अमेरिका में अफ्रीकी मूल के जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद इस तरह के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारी पिछली सीरीज में विशेषकर इंग्लैंड के खिलाफ लोगों ने सीरीज से पहले कुछ बातें की जिससे कैरेबियाई होने के नाते हमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरणा ही मिली. कौन जानता है कि इससे हमारी संपूर्ण टीम में वास्तविक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो जाए.’

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