गुरुग्राम के बिजनेस स्कूल में होगा 300 करोड़ का निवेश, ये होगा फायदा


आज पूरा विश्व कोविड-19 नामक महामारी से जूझ रहा है. इस आपदा के चलते पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के ऊपर भारी मंदी का खतरा मंडरा रहा है. इस खतरे को टालने के लिए और वैश्व‍िक अर्थव्यवस्था को दोबारा सशक्त करने के लिए टेक्नोलॉजी का योगदान काफी अहम है.

टेक्नोलॉजी एक ऐसा सेक्टर है जो इस आर्थिक मंदी के दौरान भी लगातार आगे बढ़ रहा है. इसलिए हमें चाहिए कि हम एक ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करें जिसे अपने विषयों की गहन जानकारी हो और जो आने वाली सभी चुनौतियों का डट कर सामना कर सके. इसी बात को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन स्कूल ऑफ बिजनेस (MUSB) की स्थापना होने जा रही है.

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इस संस्थान की फैकल्टी में अरुण मायरा (पूर्व चेयरमैन, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप), मुकुंद राजन (पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड), कार्थिक रमन्ना (डायरेक्टर, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी), नरेंद्र जाधव (राज्य सभा सांसद और पूर्व चीफ इकोनॉमिस्ट, आरबीआई), तथागता दासगुप्ता (चीफ डाटा साइंटिस्ट, वायाकॉम) और भास्कर चक्रवर्ती (पूर्व प्रोफेसर, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल और पूर्व पार्टनर, मकिंसी एंड कंपनी) जैसे कई दिग्गज शामिल हैं.

बिजनेस स्कूल में अगले 2-3 सालों में 300 करोड़ के निवेश की घोषणा की गई है. बता दें कि MUSB पूरी तरह टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगा, जहां व्यावसायिक पेशेवरों की अगली पीढ़ी को एक डिजिटल इकॉनमी के लिए तैयार किया जाएगा. इंस्टीट्यूट का निर्माण गुरुग्राम स्थित साइबर सिटी में किया जाएगा जहां 600 से भी ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के ऑफिस हैं.

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मास्टर्स यूनियन के PGP-TBM प्रोग्राम के अंतर्गत छात्र ना सिर्फ क्रियाशील तरीके से लाइव कंसल्टिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे, बल्कि उन्हें फील्ड टूर पर जाने और इंटर्नशिप करने के मौके भी मिलेंगे. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, SAAS और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर बूट कैंप्स का आयोजन भी किया जाएगा. साथ ही PE/VC, डिजिटल एंड ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट एंड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और बैंकिंग जैसे इंडस्ट्री कंसन्ट्रेशन्स से भी छात्रों को अवगत कराया जाएगा ताकि वो खुद को और अपनी विशेषज्ञता को मौजूदा ट्रेंड्स के अनुरूप बना सकें.

यही नहीं, MSUB ने 5 करोड़ रुपये के एक फण्ड की भी स्थापना करने की योजना बनाई है जो कि छात्रों द्वारा चलाया जाएगा और जिसका इस्तेमाल स्टार्ट-अप्स, रियल एस्टेट और कैपिटल में निवेश करने के लिए किया जाएगा. वहीं सेंटर फॉर न्यू बिजनेस मॉडल्स ऐसा फोरम होगा जो नई प्रौद्योगिकियों में बिजनेस के मौके तैयार करेगा.

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साथ ही मास्टर्स यूनियन CXO शैडो प्रोग्राम भी चलाएगा जिसके अंदर छात्रों को बहुत करीब से देखने को मिलेगा कि कम्पनियां कैसे चलाई जाती हैं. मास्टर्स यूनियन स्कूल ऑफ बिजनेस के फॉउंडिंग मास्टर कार्थिक रमन्ना ने aajtak.in से बातचीत में कहा कि मैं इस बात को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित हूं कि हमारा पाठ्यक्रम बिजनेस लीडर्स, सरकारी लीडर्स, और थर्ड सेक्टर लीडर्स से परामर्श ले कर तैयार किया जा रहा है. ऐसा पाठ्यक्रम ही सुनिश्चित कर सकता है कि छात्र अपने उद्योग से जुड़ी हर चीज़ सीख सकें.

वहीं, MUSB के फॉउंडिंग मास्टर तथागता दासगुप्ता का कहना है कि बिजनेस स्कूल की फैकल्टी को इंडस्ट्री में काम करने का तजुर्बा हो, ऐसा जरूरी नहीं माना जाता. इसी अंतर को दूर करने के लिए मास्टर्स यूनियन ने CXOs, MDs, और बिजनेस लीडर्स को अपनी फैकल्टी में शामिल किया है.स्कूल एक ऐसी युवा वर्कफोर्स तैयार करने के लिए तत्पर है जो कि तकनीकी रूप से मजबूत हो, जिसे बिजनेस ट्रेंड्स की समझ हो.

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